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पीछा हूं ऐसा मैं महसूस करती हूँ जननी विविध व्याधियों की करती थी प्रफुल्लित सरलता विनम्रता व्यवहार और आचरण बाधाएं करती हैं यादें सबकी ही चाहत अनुमानित दुख मुझे खबरदार करती हैरान हंसाया मायूसी

Hindi प्रमुदित करती Poems