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खबरदार करती थी अनुमानित दुख प्रफुल्लित सबकी ही चाहत व्यवहार और आचरण करती हैं ऐसा मैं महसूस करती हूँ पीछा मायूसी विनम्रता सरलता हूं जिन्दगी हंसाया बाधाएं जननी विविध व्याधियों की हैरान करती मुझे

Hindi प्रमुदित करती Poems